शिक्षा से बदली ज़िंदगी और निःशुल्क उपचार से मिली नई रोशनी – जैतून की कहानी
वाराणसी जिले के बड़ागांव ब्लॉक की रहने वाली जैतून नट समुदाय से आती हैं। नट समुदाय परंपरागत रूप से करतब दिखाने और सांप पकड़ने जैसे काम करता था, लेकिन समय के साथ इन पारंपरिक व्यवसायों में कमी आ गई। आज इस समुदाय के कई गरीब परिवार मजदूरी या भीख मांगकर अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं। जैतून भी एक अत्यंत गरीब परिवार से हैं। उनके परिवार में पाँच बेटे और तीन बेटियाँ हैं। कई वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पहले उनका गुजारा भीख मांगकर ही चलता था। वे गांव-गांव जाकर भीख मांगती थीं और कभी-कभी मजदूरी भी कर लेती थीं। इतने बड़े परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए बहुत कठिन था। इसी दौरान गांव में Shiv Nadar Foundation (SNF) और जनमित्र न्यास (JMN) के सहयोग से प्रौढ़ शिक्षा से संबंधित एक सर्वे किया गया। इस पहल के तहत गांव में “शिक्षा प्लस कार्यक्रम” शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य उन महिलाओं और वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाना था जिन्हें बचपन में शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाया। इसी दौरान गांव में जन शिक्षक प्रिया यादव आईं। उन्होंने गांव की म...